नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एआई इमपैक्ट समिट-2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। पांच दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया भर की एआई कंपनियों को सीईओ और तकनीकी जानकारों के साथ साथ करीब एक दर्जन देशों को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या उनके प्रतिनिधि मंत्री हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने समिट का उद्घाटन करने के बाद इवेंट में शामिल हुए स्टार्टअप्स के पैवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों भी इसमें हिस्सा लेंगे लेकिन इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी मुंबई में उनसे दोपक्षीय वार्ता करेंगे।
बहरहाल, एआई सम्मेलन प्रगति मैदान के भारत मंडपम में हो रहा है और 20 फरवरी तक चलेगा। सम्मेलन के साथ ही इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026 का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें दुनिया भर की कंपनियां अपने अपने एआई सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश करेंगी। आम लोग भी इन्हें देख सकेंगे। उन्हें एक्सपो में बताया जाएगा कि एआई कैसे उनके जीवन को प्रभावित कर सकता है और उनके रोजमर्रा के काम में कैसे इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आज से दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट शुरू हो रही है। मैं इस समिट में हिस्सा लेने आए दुनिया भर के नेताओं, बड़े बिजनेसमैन, इनोवेटर्स, पॉलिसी बनाने वालों, रिसर्चर्स और टेक्नोलॉजी के जानकारों का दिल से स्वागत करता हूं’। उन्होंने आगे लिखा, “इस समिट की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ यानी ‘सबका भला और सबकी खुशी’ है। यह इंसानियत की तरक्की के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने के हमारे साझा संकल्प को दिखाती है”।
सम्मेलन से पहले ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन ने कहा कि अमेरिका के बाद भारत में चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा उपयोगकर्ता आधार है। एआई सम्मेलन में हिस्सा लेने वाली ज्यादातर कंपनियों के सीईओ और दूसरे अधिकारियों ने सम्मेलन से पहले कहा कि एआई किसी की नौकरी नहीं लेगा। इंफो एज के फाउंडर संजीव बिखचंदानी, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के दक्षिण एशिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंडोक, एचसीएल टेक्नोलॉजी के पूर्व सीईओ विनीत नायर आदि ने कहा कि एआई का असर मौजूदा नौकरियों पर पड़ेगा लेकिन इससे नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे।


