कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है। लोकभवन से गुरुवार शाम को इसकी अधिसूचना जारी हुई। हालांकि विधानसभा का कार्यकाल गुरुवार, सात मई को समाप्त हो रहा था। संविधान के अनुच्छेद 172 (1) के मुताबिक विधानसभा का कार्यकाल पहली बैठक से लेकर पांच साल तक होता है और उसके बाद विधानसभा स्वतः विघटित हो जाती है। समय से पहले राज्यपाल उसे विघटित कर सकते हैं। यह संभवतः पहली बार हुआ है कि कार्यकाल पूरा होने पर राज्यपाल द्वारा विधानसभा विघटित की गई है।
माना जा रहा है कि ममता बनर्जी को एक मैसेज देने के लिए विधानसभा विघटित करने की अधिसूचना जारी की है। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनके और उनके मंत्रिमंडल का कार्यकाल भी अपने आप समाप्त हो गया। गौरतलब है कि राज्य में नौ मई को नई सरकार का गठन होगा।
इस बीच राज्य के कई हिस्सों में हिंसा होने की खबर है। हावड़ा के पास शिवपुर में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इससे पहले बुधवार रात को शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक दिन बाद गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने ममता को हराया है। उन्होंने कहा, ‘इस हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया, उसकी जितनी भी निंदा करें वह कम है। हत्या की वजह भवानीपुर से ममता की हार हो सकती है’।
चंद्रनाथ रथ के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनको चार गोलियां लगीं थीं। पुलिस जांच में पता चला है कि हमलावरों ने रथ की गाड़ी का सात किलोमीटर तक पीछा किया था। इस हत्याकांड को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति शासन लागू हो सके। कोलकाता में दिलीप घोष ने कहा, ‘ममता बनर्जी हारने के बाद भी इस्तीफा नहीं दे रही हैं। हम पहले भी कहते रहे हैं कि बंगाल में ऐसा माहौल बनाया जाएगा ताकि राष्ट्रपति शासन लागू हो। ये सारी घटनाएं साबित करती हैं कि यह सब टीएमसी कर रही है’।


