नई दिल्ली। यमन में नर्स का काम करने वाली केरल के पल्लकड की निमिषा प्रिया को हत्या के जुर्म में फांसी देने के फैसले का ऐलान हो गया है। फांसी की तारीख भी तय कर दी गई है। यमन की अदालत ने निमिषा को 16 जुलाई को फांसी देने का ऐलान किया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता सैमुअल जेरोम ने बताया है कि निमिषा यमन के एक नागरिक की हत्या के आरोप में जेल में हैं। जेरोम ने कहा कि जेल अधिकारियों ने उन्हें फांसी की तारीख बता दी है।
जेरोम के पास जेल के यमन से जेल के चेयरमैन का एक कॉल आया था, जिसमें इस बात की जानकारी दी गई थी कि फांसी का आदेश पास कर दिया गया है। निमिषा प्रिया को भी आधिकारिक तौर पर इस बारे में जानकारी दे दी गई है। हालांकि अब भी बचने के विकल्प खुले हुए हैं। सैमुअल जेरोम ने कहा कि बातचीत चल रही थी लेकिन यमन के नागरिक के परिवार की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ब्लड मनी पर भी कोई बात नहीं बन सकी है।
बताया जा रहा है कि यमन के जिस नागरिक की मौत हुई है उसके परिवार को दस लाख डॉलर की पेशकश की गई और एक प्रायोजक की मदद से पैसे भी जुटाए जा रहे हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि अभी विकल्प खुले हैं और भारत सरकार उसकी जान बचाने के लिए मामले में दखल दे सकती है। गौरतलब है कि केरल की निमिषा प्रिया नर्सिंग ट्रेनिंग कोर्स पूरा करने के बाद 2011 में यमन चली गई थीं। अपना अस्पताल खोलने के क्रम में उनकी मुलाकात तलाल अब्दो महदी से हुई थी। हालांकि महदी ने निमिषा का पासपोर्ट अपने पास रख लिया। इसी विवाद में महदी की मौत हुई थी।
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