नई दिल्ली। भारत में पहली बार इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले हरीश राणा की मौत हो गई है। मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स दिल्ली में हरीश राणा ने अंतिम सांस ली। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की है। गौरतलब है कि 31 साल के हरीश 13 साल से कोमा में थे। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उनको इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी। देश में पहली बार किसी को इच्छामृत्यु की अनुमति दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 14 मार्च को हरीश को दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया था। एम्स प्रशासन ने 16 मार्च को हरीश राणा की फीडिंग ट्यूब हटा दी थी। एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। यानी उनकी जीवन रक्षा के लिए लगाए गए बाहरी सपोर्ट को हटा दिया गया ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मौत हो सके।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश राणा की मां निर्मला देवी ने कहा था कि ‘बेटे के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए। बड़े बड़े अस्पतालों में दिखाया और कई डॉक्टरों से इलाज भी कराया, लेकिन उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। अब तो बस भगवान से यही प्रार्थना है कि उसे इस पीड़ा से जल्द मुक्ति मिल जाए’। गौरतलब है कि दिल्ली में जन्मे हरीश राणा चंडीगढ़ की पंजाब यू्निवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। 2013 में वे हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। इसकी वजह से उनके पूरे शरीर में लकवा मार गया और वह कोमा में चले गए।


