शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले 11 दिन से लगातार हो रही बारिश से भारी तबाही मची है। मानसून के आगमन के साथ ही हिमाचल में बारिश और भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया था। भारी बारिश के कारण मंडी के सराज क्षेत्र में बन रहा पटिकरी पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है। वहां काम कर रहे लोगों ने भाग कर जान बचाई है। पिछले 11 दिन में हिमाचल प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मरने वालों की संख्या 62 हो गई है, जबकि 56 लोग अब भी लापता हैं। सरकार का कहना है कि सैकड़ों मवेशी बह गए हैं और सैकड़ों घर टूटे हैं। सरकार का अनुमान है कि तीन सौ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। राज्य में हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक अभी तुरंत बारिश से राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आठ जुलाई तक लगातार बारिश होने का अनुमान है। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और शिरमौर में बारिश होगी। मंडी जिले में सोमवार की रात को बादल फटने से 11 लोगों की मौत हो गई है। मंडी जिले से बहने वाली ब्यास नदी उफान पर है और मंडी के पास सराज क्षेत्र में बादल फटने के बाद भारी बारिश से पटिकरी पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया। इस प्रोजेक्ट को 2023 में भी भारी नुकसान हुआ था। इसे देखते हुए पावर हाउस की सुरक्षा के लिए छह मीटर ऊंची और डेढ़ सौ मीटर लंबी दिवार बनाई गई थी। मगर बादल फटने के बाद बाढ़ का पानी इसके ऊपर से बहकर आ गया।


