नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच बरसों से चल रही मुक्त व्यापार की वार्ता अंतिम नतीजे पर पहुंच गई। गुरुवार को लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत हुए। भारत की ओर से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन की ओर से व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने दस्तखत किए। इस समझौते के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार कई गुना बढ़ेगा और दोनों देशों के नागरिकों को सस्ती वस्तुएं मिलेंगी। इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को लंदन पहुंचे।
बहरहाल, मुक्त व्यापार संधि को लेकर भारत और ब्रिटेन के बीच तीन साल से बातचीत चल रही थी। पिछले हफ्ते समझौते की सभी शर्तों पर सहमति के बाद भारत में कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी और उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी लंदन गए। गुरुवार को समझौते के बाद मोदी और स्टार्मर ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पीएम मोदी ने समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जताई। उन्होंने ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों की तारीफ की और कहा कि यूके में रहने वाले भारतीय मूल के लोग हमारे संबंधों में एक लिविंग ब्रिज का काम करते हैं। मोदी ने स्टार्मर को भारत आने का न्योता दिया।
इस समझौते के बाद ब्रिटेन में बनी कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर भारत में सस्ते होंगे। इसी तरह ब्रिटेन में भारत की बनी चमड़े की वस्तुएं, जेवरात, रत्न, कपडा आदि उत्पाद सस्ते होंगे। समझौते की शर्तों के मुताबिक भारत के 99 फीसदी सामानों को ब्रिटेन में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। इसी तरह ब्रिटेन के 99 फीसदी सामान औसतन तीन फीसदी टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक दोपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस व्यापार संधि से भारत के कपड़ा उद्योग, चमड़ा उद्योग, रत्न व आभूषण उद्योग और कृषि व समुद्री उत्पाद क्षेत्र को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन भारत के कुशल पेशेवर युवाओं का ज्यादा बेहतर फायदा उठा पाएगा। इससे हजारों की संख्या में रोजगार पैदा होंगे और निवेश बढ़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि इस ट्रेड डील के तहत ब्रिटेन की छह यूनिवर्सिटी के कैंपस भारत में खोले जाएंगे। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र भी किया और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का इस आतंकवादी हमले की निंदा करने और साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। भारत और ब्रिटेन दोनों देश इस मुद्दे पर एक साथ हैं’। मोदी ने क्रिकेट का भी जिक्र करते हुए कहा कि ये भारत और ब्रिटेन के लिए सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि एक जुनून है। माना जा रहा है कि यूरोपीय संघ से अलग होने यानी ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन का यह सबसे बड़ा व्यापारिक करार है।


