नई दिल्ली। खालिस्तान समर्थक अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में भारतीय नागरिक और केंद्रीय एजेंसी रॉ के अधिकारी रहे विकास यादव पर अमेरिका में मुकदमा दर्ज हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसी ने विकास यादव पर हत्या की साजिश रचने के अलावा धन शोधन के आरोप भी लगाए हैं। अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई का कहना है कि विकास भारत की खुफिया एजेंसी रॉ से जुड़े थे।
अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि भारत सरकार ने विकास को उनके पद से हटाकर गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, भारत ने एफबीआई और अमेरिकी विदेश विभाग के इस दावे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। गौरतलब है कि विकास पहले अमेरिका में थे। कुछ समय पहले वे भारत आ गए थे। हालांकि भारत ने साफ कर दिया है कि वे भारत सरकार के लिए काम नहीं करते हैं।
गौरतलब है कि पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में अमेरिकी अदालत ने दो लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें निखिल गुप्ता और सीसी1 नाम का एक शख्स शामिल था। अब एफबीआई ने सीसी1 को ही विकास यादव बताया है। अमेरिका ने निखिल गुप्ता को पहले ही चेक रिपब्लिक से गिरफ्तार कर लिया था। एफबीआई के आरोपपत्र में कहा गया है कि विकास ने ही निखिल गुप्ता को इस साजिश में शामिल किया और निर्देश दिए, जिसमें पन्नू के बारे में पूरी जानकारी थी। इसमें पन्नू का एड्रेस, मोबाइल नंबर और रोजाना की हर एक गतिविधि शामिल थी।
आरोपपत्र के मुताबिक गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक अपराधी से संपर्क किया, जिसे उसने कॉन्ट्रैक्ट किलर समझा था। हालांकि, वह असल में अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन यानी डीईए का अंडरकवर एजेंट था। एफबीआई का कहना है कि यादव ने इस हत्या के लिए एक लाख डॉलर यानी करीब 83 लाख रूपए देने की योजना बनाई थी।
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