नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले बंद हो गए हैं और ईरान ने भी इजराइल व खाड़ी के दूसरे देशों पर हमला रोक दिया है। ईरान की सभ्यता मिटा देने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी की समय सीमा पूरा होने के साथ ही दोनों देशों में युद्धविराम का ऐलान हो गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार की रात को ईरान पर दो हफ्ते के लिए हमले रोकने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर बताया कि ईरान की तरफ से तुरंत होर्मुज की खाड़ी खोलने की शर्त पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने के लिए राजी हुए हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को श्रेय देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इन दोनों की अपील के बाद ही फैसला हुआ। युद्धविराम के साथ ही बातचीत की तैयारी शुरू हो गई है। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान से 10 सूत्री प्रस्ताव मिला है। अगले दो हफ्ते समझौते को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने के लिए जरूरी होगा। ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव में सबसे पहले सारे हमले रोकने का प्रस्ताव है। इसके बाद सारी पाबंदी हटाने, जब्त की गई संपत्ति लौटाने, स्थायी युद्धविराम आदि के प्रस्ताव हैं। तीन प्रस्ताव ऐसे हैं, जिन पर सहमति बनानी मुश्किल होगी। एक प्रस्ताव पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का है। दूसरा ईरान को हमले में हुए नुकसान का मुआवजा देने का और तीसरा होर्मुज की खाड़ी पर ईरान के नियंत्रण और टोल वसूलने का है।
राष्ट्रपति ट्रंप के बाद ईरान ने भी युद्धविराम की पुष्टि की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक पोस्ट में युद्धविराम का ऐलान किया। बाद में ट्रंप ने इस पोस्ट को भी साझा किया। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बाद में बताया कि आगे की बातचीत 11 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी। इसके साथ ही ईरान ने दो हफ्ते के लिए होर्मुज की खाड़ी खोलने की जानकारी दी और अपने नागरिकों से कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखना और जीत का जश्न पूरी ताकत से जारी रखें।
युद्धविराम की घोषणा के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सभी सैनिक अभियान रोक दिए हैं। हालांकि डिफेंसिव ऑपरेशन और सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे। सीजफायर समझौते के बाद ईरान ने भी हमले रोकने के आदेश दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से सीजफायर की घोषणा के करीब दो घंटे बाद ईरान के सुप्रीम लीडर ने सभी सैन्य इकाइयों को फायरिंग रोकने का आदेश दिया है। ईरान के सरकारी न्यूज चैनल आईआरआईबी पर पढ़े गए बयान में कहा गया कि सभी सैन्य शाखाएं सुप्रीम लीडर के निर्देशों का पालन करें और तुरंत फायरिंग बंद करें। हालांकि, बयान में यह भी कहा गया कि यह जंग का अंत नहीं है, बल्कि एक अस्थायी कदम है।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के तहत अगले दो हफ्ते तक होर्मुज की खाड़ी खुली रहेगी। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि इस दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी। यानी होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले टैंकर और जहाज अब भी नियंत्रित होंगे और ईरान की निगरानी में गुजरेंगे। गौरतलब है कि युद्ध के दौरान इस समुद्री मार्ग पर शिपिंग लगभग ठप हो गई थी। अब इसके खुलने से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। होर्मुज खोलने के फैसले का असर बाजारों पर भी दिखा है। तेल की कीमतों में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है।


