नई दिल्ली। ईरान ने भले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए 15 सूत्री शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया और किसी किस्म के युद्धविराम से इनकार किया है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप लगातार एक ही बात दोहरा रहे हैं। अब उन्होंने कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की भीख मांग रहा है। हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि ईरान इस बात को कहने से डर रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप सरकार की ओर से ईरान को 15 सूत्री प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है। ईरान ने इसे एकतरफा बताते हुए खारिज कर दिया है और अपनी शर्तें रखी हैं।
ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। हालांकि कुछ खबरों में दावा किया गया है कि ईरानी अधिकारी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान की तरफ से बातचीत करने वाले बहुत अजीब हैं। वे एक तरफ हमसे समझौते के लिए भीख मांग रहे हैं, दूसरी तरफ वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव को देख रहे हैं। यह गलत है’। उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द गंभीर होना चाहिए, क्योंकि अगर देर हो गई तो फिर वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा, और हालात बहुत खराब हो जाएंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की ओर से किए जा रहे हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने एक सौ मिसाइलों से अमेरिका की एक बहुत मूल्यवान चीज पर हमला किया था। लेकिन सभी सौ मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कौन सी मूल्यवान चीज थी, जिस पर ईरान ने सौ मिसाइलें दागी थीं।


