चंडीगढ़। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने और अन्य मांगों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच 14 फरवरी को वार्ता होने वाली है। उससे पहले 12 फरवरी को किसान संगठनों की एकता बैठक होगी। इस एकता बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा भी शामिल होगा। इस बीच पंजाब और हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन के 77 दिन हो गए हैं। पिछले सात दिनों से वे बिना मेडिकल सुविधाओं के ही अनशन पर हैं, क्योंकि उनकी अधिकतर नसें ब्लॉक हैं, जिस कारण डॉक्टरों को उन्हें मेडिकल सुविधाएं देने में दिक्कत आ रही है।
दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 फरवरी को चंडीगढ़ में बुलाई गई एकता मीटिंग में शामिल होने का ऐलान किया। किसान नेता सवरन सिंह पंधेर ने कहा है कि अगर केंद्र की ओर से 14 फरवरी को बुलाई मीटिंग कामयाब नहीं होती है और वार्ता आगे नहीं बढ़ती है तो 25 फरवरी को किसान दिल्ली की तरफ पैदल ही कूच करेंगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा का पहले कुछ और कार्यक्रम था लेकिन उसने सोचा है कि पंजाबियों व देशवासियों की भावना है कि संघर्ष में सभी किसान दल एकजुट हो। इसलिए मीटिंग में जाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, ‘हमारे भाईयों ने अपनी चिट्ठी में बोला था कि केंद्र सरकार के कृषि मार्केट पॉलिसी ड्रॉफ्ट को मांग पत्र में शामिल किया जाना चाहिए’। सरवन सिंह पंधेर ने कहा, ‘हमने निर्णय लिया है कि 14 तारीख की वार्ता सफल नहीं होती है या वार्ता आगे नहीं बढ़ती है, तो 25 फवरी को दिल्ली जाएंगे। हमें दुख है कि एक तरफ केंद्र वार्ता की बात करता है, दूसरी तरफ संसद में जिस तरह बयान दिए जा रहे हैं, उससे सरकार की नीयत साफ हो रही है’।
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Image Source: ANI


