कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव आयोग को भाजपा आयोग कहा है। ममता ने दावा किया है कि चुनाव आयोग अब बिल्कुल निष्पक्ष नहीं रह गया है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें बंगाल में चुनौती दी गई, तो वे पूरे देश में भाजपा की नींव हिला देंगी। ममता ने मतुआ बहुलता वाले बोनगांव में एसआईआर के खिलाफ आयोजित एक रैली को संबोधित किया।
इस रैली में ममता ने दावा किया कि यदि राज्य के मतुआ बहुल क्षेत्रों में रहने वाले लोग नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के तहत खुद को विदेशी घोषित करते हैं, तो उन्हें तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। हालांकि दूसरी ओर भाजपा के नेता मतुआ समाज के लोगों से सीएए के फॉर्म भरवा रहे हैं ताकि उनको भारत की नागरिकता दी जा सके। इसे लेकर भी मतुआ बहुल इलाके में काफी नाराजगी है।
इस बीच खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के 10 सांसद 28 नवंबर को चुनाव आयोग से मिलेंगे। इसके लिए मंगलवार को पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिख कर 10 सांसदों के नाम भेजे हैं। उधर ममता बनर्जी ने रैली में कहा, अगर एसआईआर का मकसद अवैध बांग्लादेशियों को हटाना है, तो बीजेपी शासित राज्यों में एसआईआर क्यों कराया जा रहा है? क्या बीजेपी यह स्वीकार कर रही है कि उसके ‘डबल इंजन’ वाले राज्यों में भी घुसपैठिए मौजूद हैं?
ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को 2024 में इसी वोटर लिस्ट के आधार पर वोट मिले थे। अगर लोगों का नाम हटा दिया जाता है, तो केंद्र सरकार को भी हटा देना चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, इतनी जल्दी में एसआईआर क्यों चलाया जा रहा है? जब तक मैं यहां हूं, मैं उन्हें आपको बाहर नहीं निकालने दूंगी। कोई भी आपको बाहर नहीं निकाल सकता। अगर बीजेपी बंगाल में मुझे चोट पहुंचाने की कोशिश करेगी, तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी। भाजपा मुझें राजनीतिक रूप से न तो चुनौती दे सकती है और न ही हरा सकती है’।
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