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ममता ने विधायकों को धमकाने का आरोप लगाया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने भाजपा के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को धमकाया जा रहा है और उनके ऊपर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। ममता ने यह भी कहा कि उनके साथ खेला हो रहा है लेकिन वे सबसे बड़ा खेला करेंगी। गौरतलब है कि ममता की पार्टी ने अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ सोमवार को धरने का ऐलान किया था। लेकिन उनको अनुमति नहीं मिली। ममता बनर्जी ने अब दो जून को धरने का ऐलान किया है।

इससे पहले सोमवार को उन्होंने फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस के विधायकों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बना रही है। ममता ने दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने, धमकाने या रिश्वत देकर टीएमसी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

ममता ने अपने वीडियो संदेश में कहा है, ‘जो लोग टीएमसी छोड़कर गए हैं, उनके जाने से पार्टी का भला ही हुआ है’। इस बीच पार्टी ने दो विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया है। दोनों पर पार्टी के खिलाफ बयान देने और बैठकों से दूर रहने के आरोप हैं। असल में इन दोनों विधायकों ने कहा है कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को टीएमसी विधायक दल का नेता चुनने वाला जो प्रस्ताव जमा कराया गया है उस पर उनके दस्तखत जाली हैं। इसके बाद सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि वे सीआईडी के सामने हाजिर नहीं हुए। उनके ऊपर शनिवार को सोनारपुर इलाके में हमला हुआ था।

बहरहाल, ममता बनर्जी ने अपने संदेश में सफाई देते हुए कहा कि टीएमसी ने किसी से पैसे नहीं लिए हैं। हो सकता है कुछ लोग हालात का फायदा उठाते हों, लेकिन वे अब पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके जाने से पार्टी का ही भला हुआ है। ममता ने कहा, ‘हम पार्टी को नए सिरे से खड़ा करेंगे। कई लोग लंबे समय तक सत्ता का आनंद लेते रहे। अब जब हम हार गए हैं, तो वे तुरंत दूसरी पार्टी से समझौता करते दिखाई दे रहे हैं’। ममता ने कहा कि कोई भी उनकी पार्टी को तोड़ नहीं सकता है।

By NI Desk

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