नई दिल्ली। पूर्वोत्तर के राज्यों में स्थायी शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार उग्रवादी समूहों के साथ एक के बाद एक शांति समझौता कर रही है। इसी सिलसिले में त्रिपुरा के दो उग्रवादी समूहों के साथ केंद्र सरकार बुधवार को शांति समझौता करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बुधवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और त्रिपुरा सरकार के साथ त्रिपुरा के दो उग्रवादी समूहों के समझौता होगा।
त्रिपुरा में हिंसा खत्म करने और स्थायी शांति के लिए तीनों पक्ष एक समझौता ज्ञापन पर दस्तखत करेंगे। इस दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और गृह मंत्रालय व त्रिपुरा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चार सितंबर को नई दिल्ली में भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार और नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा यानी एनएलएफटी और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स यानी एटीटीएफ के प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए जाएंगे।
सरकार के बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उग्रवाद, हिंसा और संघर्ष से मुक्त, विकसित पूर्वोत्तर की दृष्टि को साकार करने की दिशा में गृह मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पूर्वोत्तर में शांति व समृद्धि बहाल करने के लिए 12 महत्वपूर्ण समझौतों पर दस्तखत किए हैं, जिनमें से तीन त्रिपुरा से जुड़े हैं। सरकार ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के प्रयास से 10 हजार लोग हथियार छोड़ कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।
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