नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सरकार की ओर से पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब राज्यसभा में दिया। उन्होंने एक लंबा भाषण दिया, जिसकी मुख्य थीम कांग्रेस पार्टी थी। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और पीछे जाते हुए पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू तक पर हमला किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के किसी प्रधानमंत्री के पास कोई विजन नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की योजनाएं दशकों तक लंबित रहती थीं। मोदी ने दोहराया कि वे रोज दो किलो गाली खाते हैं और विपक्ष वाले उनकी कब्र खोदना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया है।
गुरुवार को शाम पांच बजे जब प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में भाषण शुरू किया तो कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने दिया जाए। थोड़ी देर नारेबाजी करने के बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने करीब डेढ़ घंटा भाषण दिया। कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला करते हुए मोदी ने कहा, ‘ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो मोदी की कब्र खोदने की बात करते हैं। ये सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान नहीं है’।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के साथ दूसरी विपक्षी पार्टियों को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा, ‘टीएमसी, कांग्रेस, लेफ्ट, डीएमके दशकों से केंद्र में सत्ता का हिस्सा रहे। उनकी पहचान क्या बनी, उनके वक्त डील के नाम पर बोफोर्स याद आता है। आज डील की चर्चा गौरव से होती है’। मोदी ने कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों को बिना विजन वाला बताते हुए कहा, ‘लाल किले से दिए कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषण का एनालिसिस कर लीजिए। इससे पता चल जाएगा कि उनके पास कोई विजन नहीं था। हमारी काफी ताकत उनकी गलतियों को सुधारने में लग रही है’।
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा, ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए हम आगे बढ़ चले हैं। सच्चाई यह है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर विश्व से प्रतिस्पर्धा करने को तैयार है’। ‘एमएसएमई का नेटवर्क जितना बढ़ा है, दुनिया का भरोसा भी बढ़ रहा है। आज भारत अनेक देशों के साथ ट्रेड डील कर रहा है’। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ समय में हमने दुनिया के नौ बड़े और महत्वपूर्ण देशों के साथ ट्रेड डील साइन की हैं। एक साथ 27 देशों के साथ डील की हैं। इसमें यूरोपीय यूनियन और अमेरिका से डील भी शामिल है। इनके समय डील बोफोर्स थी। आज डील गर्व का विषय है’।
कांग्रेस के समय योजनाओं के लंबित रहने पर कहा, ‘कांग्रेस की इम्प्लीमेंट नीति की मिसाल देना चाहता हूं। गुजरात के लिए जब नर्मदा डैम की योजना बनाई गई, तब मैं पैदा भी नहीं हुआ था। सरदार पटेल के निधन के बाद नेहरूजी ने इसकी शुरुआत कराई। कमाल की बात है कि जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब इसका उद्घाटन किया’। उन्होंने कहा, ‘2014 से पहले नेता के फोन जाते थे और उनके आधार पर लोन देते थे। गरीब, बैंक के दरवाजे तक भी नहीं जा पातेथे। कांग्रेस राज में बैंकिंग सेक्टर तबाही के कगार पर था। मैं पीएम बना तो बैंकों को भरोसे में लिया। आज नॉन परफॉर्मिंग एसेट एक फीसदी से भी नीचे है। बैंकों का प्रॉफिट रिकॉर्ड पर है’।


