होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मैरीटाइम एनालिसिस फर्म विंडवर्ड ने बताया कि मंगलवार को 14 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे, जो इस महीने का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। जो इस महीने का अब तक का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। इस बढ़ोतरी को शिपिंग कंपनियों के बीच धीरे-धीरे लौटते भरोसे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत सूचीबद्ध एक जहाज ‘सोफिया 1’ ने भी होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। इसे पहले अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा ईरान के तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़े जहाजों में शामिल किया गया था और इस पर द्वितीयक प्रतिबंध भी लगाए गए थे।
समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, पीस डील ऐलान के बाद से ईरान का तीसरा तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पार कर गया।
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टैंकरट्रैकर्स ने बताया कि नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी (एनआईटीसी) का टैंकर सोनिया-1 करीब 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ था।
इससे पहले इसी सप्ताह एनआईटीसी के दो टैंकर डायोना और हीरो-2 भी अमेरिकी नाकाबंदी पार कर निकले थे। इन दोनों जहाजों में कुल 38 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा था।
हालांकि, मौजूदा ट्रैफिक अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने से पहले इस होर्मुज से औसतन करीब 130 जहाज प्रतिदिन गुजरते थे।
विंडवर्ड ने कहा कि कई शिपिंग कंपनियां अभी भी पूरा भरोसा जुटा नहीं पाई हैं, वो इंतजार कर रही हैं। जहाज मालिकों का कहना है कि वे तब तक होर्मुज से जहाज नहीं भेजेंगे, जब तक जहाजों पर हमले का खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता।
रविवार को ही अपने 80वें जन्मदिन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पीस डील का ऐलान करते हुए ‘समुद्री जहाजों को अपने इंजन शुरू करने और तेल की आपूर्ति निर्बाध रूप से बहने देने’ का संदेश दिया था। एमओयू पर ईरान ने भी बयान दिया, फिर दोनों के बीच ई-साइन भी हुए। दोनों पक्ष मध्यस्थों के बीच जिनेवा में 19 जून को दस्तखत करेंगे।
Pic Credit : ANI


