काठमांडू। जेन जी आंदोलन से उभरे और चुनाव में भारी भरकम जीत के बाद नेपाल के गृह मंत्री बने सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके निवेश और शेयर पर उठे सवालों के बीच उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ना जरूरी था। गुरुंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हाल में उनके वित्तीय लेन देन और शेयर को लेकर उठे सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया।
गुरुंग ने लिखा है, ‘मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है’। गौरतलब है कि गुरुंग 27 मार्च से गृह मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल की नई सरकार में यह दूसरा मामला है, जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है। इससे पहले नौ अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया था।
बहरहाल, बताया जा रहा है कि सुदन गुरुंग के एक कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। दीपक भट्ट को धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भट्ट पर धनशोधन के आरोपों की जांच चल रही है, जिसके बाद गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे थे। इस पर गुरुंग ने कहा कि जेन जी आंदोलन देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘जब मेरे 46 साथियों के बलिदान से बनी सरकार पर सवाल उठते हैं, तो उसका जवाब नैतिकता ही है’। गुरुंग ने मीडिया, नागरिकों और युवाओं से भी ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलने की अपील की।


