नई दिल्ली। राज्यसभा की मनोनीत श्रेणी की खाली हुई चार सीटों पर नए लोगों को मनोनीत कर दिया गया है। आतंकवादियों के खिलाफ मुकदमे लड़ कर मशहूर हुए भाजपा नेता उज्ज्वल निकम को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया है। वे पिछले साल भाजपा की टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए थे। विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी और भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला को भी राज्य़सभा के लिए मनोनीत किया गया है। केरल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वहां के भाजपा नेता सी सदानंदन मास्टर को भी उच्च सदन भेजा जा रहा है। राज्यसभा के लिए मनोनीत चौथा नाम इतिहासकार मीनाक्षी जैन का है।
केंद्र सरकार की सलाह परर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए इन चार नए सदस्यों को मनोनीत किया। गृह मंत्रालय की ओर से रविवार को इसकी अधिसूचना जारी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मनोनीत सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए उज्ज्वल निकम ने प्रधानमंत्री से हुई बातचीत का ब्योरा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने उनको फोन किया और पूछा कि हिंदी में बोलें या मराठी में। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मुंबई में हिंदी बनाम मराठी का विवाद चल रहा है।
बहरहाल, संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत, राष्ट्रपति को कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को राज्यसभा में नामित करने का अधिकार है। हालांकि आमतौर पर केंद्र में जिसकी सरकार होती है वह अपनी पार्टी के नेताओं को या पार्टी और सरकार के विचार का समर्थन करने वाले लोगों को उच्च सदन के लिए मनोनीत करती हैं। ध्यान रहे उज्ज्वल निकम ने मुंबई पर हुए आतंकी हमले में जिंदा पकड़े गए इकलौते आतंकी अजमल कसाब के खिलाफ मुकदमा लड़ा था। उस समय की राज्य की कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए उन्होंने यह झूठी खबर फैलाई थी कि जेल में कसाब को बिरयानी खिलाई जा रही है। केरल के सी सदानंदन मास्टर भी भाजपा के नेता हैं और उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाए थे।