नई दिल्ली। बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन का काम 10 अक्टूबर से चल रहा है और इसके चार दिन बीत चुके हैं। बताया जा रहा है कि मंगलवार को पटना में दोनों गठबंधनों के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो जाएगी। इससे पहले शनिवार को एनडीए ने घटक दलों के बीच सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया, जबकि महागठबंधन के सीट बंटवारे की घोषणा का इंतजार हो रहा है।
जानकार सूत्रों के मुताबिक सोमवार को दिल्ली में तेजस्वी यादव की राहुल गांधी से मुलाकात में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम बातचीत हुई है। कांग्रेस ने सोमवार को केंद्रीय चुनाव समिति की भी बैठक की, जिसमें 70 से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार के नामों पर चर्चा की गई। पिछले दो दिन से महागठबंधन के सभी नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। वीआईपी के मुकेश सहनी भी दिल्ली में थे। हालांकि उधर बिहार में सीपीआई माले ने बिना घोषणा के अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह देना शुरू कर दिया है। माले ने फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम को पटना की दीघा सीट से उम्मीदवार बनाया है।
बहरहाल, जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस और मुकेश सहनी की वजह से सीट बंटवारा अटका है। कांग्रेस 60 से कम सीटों पर राजी नहीं हो रही है। दूसरी ओर से राजद की ओर से मुकेश सहनी को 18 सीट का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि इसमें भी तेजस्वी यादव चाहते हैं कि उनके कुछ नेताओं को वीआईपी के चुनाव चिन्ह पर लड़ाया जाए। सीपीआई माले को भी पिछली बार की 19 सीटों के मुकाबले इस बार 25 से ज्यादा चाहिए।
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