बिना घटे छोटी हो रहीं है एनडीए की पार्टियां
यह बहुत दिलचस्प स्थिति है। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की पार्टियों के सांसदों, विधायकों आदि की संख्या पहले जैसी बनी हुई है, उनमें कोई तोड़ फोड़ नहीं हो रही है फिर भी पार्टियां छोटी होती जा रही हैं। यहां तक कि एक महीने पहले तक एनडीए में भाजपा के बाद दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी पार्टियों का दर्ज घट गया है। चौथी और पांचवीं सबसे बड़ी पार्टियां भी खिसक कर नीचे चली गई हैं। चौथे नंबर की पार्टी की रैंकिंग सुधर गई और अगर खेलों की शब्दावली में कहें तो बिना रैंकिंग वाला एक खिलाड़ी सीधे दूसरे स्थान पर...