वाल्मीकि अभयारण्य के आसपास बाघों से इंसानों को खतरा

पश्चिमी चंपारण रेंज के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर डॉ. नीरज नारायण ने बताया कि वीटीआर से सटे कई गांव हैं और जंगली जानवर पानी और भोजन की तलाश में मानव आबादी की ओर भटक सकते हैं।

सासाराम में मालगाड़ी हुई बेपटरी, कई ट्रेनों के बदले रूट

मालगाड़ी के मालगाड़ी के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। इस हादसे के बाद से अप एंड डाउन दोनों रूट प्रभावित हो गए हैं।

बिहार के नौ जिलों में एनआईए का छापा

पटना के फुलवारी शरीफ से सामने आए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई कनेक्शन को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए ने गुरुवार को बिहार में कई राज्यों में छापेमारी की।

बिहार का बदला मणिपुर में

बिहार में नीतीश कुमार ने भाजपा से तालमेल खत्म करके राजद के साथ सरकार बनाई तो उधर मणिपुर में भाजपा ने उनकी पार्टी तोड़ दी।

बिहार में सत्ता बाहर होते ही छापे

बिहार में भाजपा अभी सत्ता से बाहर हुई है। जनता दल यू ने भाजपा से तालमेल तोड़ कर राजद के साथ सरकार बनाई है। उसके तुरंत बाद केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई बिहार में शुरू हो गई है।

पालकी ढोने के लिए बिहार, झारखंड के भाजपा नेता

भाजपा ने 11 सदस्यों के संसदीय बोर्ड का गठन किया और 15 सदस्यों की केंद्रीय चुनाव समिति बनाई। इसमें 11 सदस्य कॉमन हैं।

भाजपा बड़ा बदलाव करेगी बिहार में

बिहार में नीतीश कुमार से तालमेल खत्म होने के बाद भाजपा ने स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक तैयारी शुरू कर दी है।

भाजपा को हिलाना है तो बिहार जैसे झटके और…

नीतीश कुमार इस बार नए रूप में सामने आए हैं। शायद प्रायश्चित्त के कारण। अपनी आखिरी पारी में वापस सम्मान, गरिमा और विश्वसनीयता पाने के लिए।

बिहार की राजनीति का लाभ कांग्रेस को

कई जानकार मान रहे हैं कि राजद को बड़ा फायदा होगा लेकिन हकीकत यह है कि राजद के मुकाबले कांग्रेस को ज्यादा फायदा होगा।

बिहार में नुकसान, भाजपा की कहां से भरपाई?

भाजपा के सामने सबसे बड़ी चिंता लोकसभा का अगला चुनाव है। इस साल और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मुकाबले भाजपा को अगले लोकसभा चुनाव की चिंता करनी है।

कई राज्यों में मध्यावधि सत्ता बदल

देश में एक कमाल का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बिना चुनाव हुए ही राज्यों में सत्ता बदल जा रही है। पिछले तीन साल में कम से कम चार बड़े राज्यों में ऐसा हुआ है।

शॉर्टकट से समाधान नहीं

एक अंग्रेजी अखबार ने इसे 1-1 कहा है। यानी यह कि महाराष्ट्र में भाजपा ने विपक्ष को सत्ता से बाहर किया, तो अब विपक्ष ने बिहार से भाजपा को बाहर कर दिया है।

बिहार में भाजपा के पास क्या विकल्प है

अभी तक वह नीतीश कुमार के साथ सरकार में थी। अगर 2013 से 2017 के समय को छोड़ दें तो भाजपा 2005 से ही बिहार की सत्ता में है।

बिहार में टूट सकता है गठबंधन

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की रविवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस के बाद घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।

बिहार में बदले जाएंगे भाजपा कोटे के मंत्री !

बिहार में भाजपा के बड़े नेताओं के दौरों के बाद संगठन में बड़े बदलाव की चर्चा होने लगी है।

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