Padma Shri award: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई। इस साल सिर्फ 30 लोगों को नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है और उन सभी को पद्म श्री से सम्मानित करने का फैसला हुआ है।
इस साल किसी भी व्यक्ति को पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए नहीं चुना गया है।
इस साल भारत रत्न के लिए रतन टाटा से लेकर मनमोहन सिंह और नीतीश कुमार से लेकर नवीन पटनायक तक के नाम की चर्चा हो रही थी।(Padma Shri award)
बहरहाल, शनिवार की शाम को हुई घोषणा के मुताबिक देश के दूरदराज के इलाकों में जमीनी स्तर पर काम करने वाले ऐसे लोगों को पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है, जिनमें से काफी लोग गुमनाम रहे हैं।
इस साल पद्म पुरस्कार पाने वालों में कुवैत की योगा ट्रेनर शेख एजे अल सबा और ब्राजील के मैकेनिकल इंजीनियर से हिंदू आध्यात्मिक और वेदांत गुरु बने जोनास मासेटी का भी शामिल हैं।
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गोवा की स्वतंत्रता सेनानी एक सौ साल की लीबिया लोबो सरदेसाई को पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया है। उनके अलावा पश्चिम बंगाल के 57 साल के गोकुल चंद्र दास को पद्मश्री से सम्मानित करने का फैसला हुआ है।
राजस्थान की लोक गायिका बतूल बेगम, दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा भटला, सामाजिक कार्यकर्ता भीम सिंह भावेश, दक्षिण भारतीय संगीतकार पी. दत्चनमूर्ति, नगालैंड के फल किसान एल. हैंगथिंग को भी पद्म पुरस्कार देने की घोषणा हुई है।
इंदौर के निर्गुण कबीर गायक भेरू सिंह चौहान और पेरिस पैरालिंपिक में पदक जीतने वाले हरविंदर सिंह को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।(Padma Shri award)
मध्य प्रदेश की सामाजिक उद्यमी सैली होलकर और मराठी लेखक मारुति भुजंगराव चितमपल्ली को पद्मश्री देने की घोषणा हुई है तो दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा भटला भी इस सूची में शामिल हैं, जो सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने, रोकथाम और प्रबंधन पर विशेष काम करती हैं।
बिहार के भोजपुर के सामाजिक कार्यकर्ता भीम सिंह भवेश को भी अपने फाउंडेशन ‘नई आशा’ के माध्यम से पिछले 22 वर्षों से समाज के सबसे हाशिए पर पड़े समूहों में से एक मुसहर समुदाय के उत्थान के लिए अथक काम करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है।
बिहार की ही निर्मला देवी को भी पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया है।(Padma Shri award)
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