नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र बुधवार को शुरू होगा। इससे पहले मगंलवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें सरकार की ओर से दो चरणों में होने वाले संसद सत्र के बारे में सांसदों को बताया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में 35 से ज्यादा पार्टियों के सांसद शामिल हुए। इस दौरान बजट सत्र को सकारात्मक और सुचारू रूप से चलाने को लेकर चर्चा हुई।
संसद का बजट सत्र बुधवार, 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू होगा। वे लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश होगा। हालांकि उस दिन रविवार है फिर भी संसद की बैठक होगी। निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इसके अलावा नौ विधेयक लंबित हैं, जिन्हें सरकार पास कराने की कोशिश करेगी।
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष के विधायी एजेंडा शेयर नहीं करने के आरोप पर कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार अपना एजेंडा शेयर करती है। विपक्ष को बोलने की आजादी है, लेकिन सुनना भी जरूरी है। उन्होंने मनरेगा की जगह लाए गए वीबी जी राम जी कानून पर चर्चा की विपक्ष की मांग खारिज कर दी।
बैठक के बाद उद्धव ठाकरे की शिव सेना के सांसद अरविंद सावंत ने कहा, ‘सभी ने अपने अपने राज्यों के हिसाब से अपनी मांगें रखी हैं। प्रदूषण, एसआईआर, बढ़ती बेरोजगारी जैसे कई मुद्दे हैं और भी बहुत कुछ है’। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, ‘इस बजट से किसी को कुछ नहीं मिलने वाला है। बजट उन्हीं के लिए है जिनके पास संपत्ति है’। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘मैंने यह बात उठाई कि सरकार फॉरेन पॉलिसी पर पूरी तरह फेल रही है’। उन्होंने कहा कि मीटिंग में उन्होंने शंकराचार्य का मुद्दा भी उठाया।


