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पूरे हफ्ते ठप्प रही संसद

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा हफ्ता लगभग पूरी तरह से जाया हुआ। पूरे हफ्ते लोकसभा में गतिरोध बना रहा। राज्यसभा में जरूर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा हुई लेकिन वहां भी विपक्ष का हंगामा और शोर शराबा जारी रहा। हफ्ते के आखिरी दिन सोमवार को तो लोकसभा में कुल 10 मिनट की कार्यवाही हुई। पहली बार तीन मिनट के भीतर सदन को स्थगित करना पड़ा और दोबारा जब कार्यवाही शुरू हुई तो सात मिनट में ही सदन को सोमवार, नौ फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

राज्यसभा में शुक्रवार को दो घंटे तक कामकाज हुआ। वहां प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया गया। हालांकि वहां भी विपक्ष के हंगामे की वजह से कार्यवाही नौ फरवरी तक के लिए स्थगित हो गई। शुक्रवार को भी लोकसभा के आठ निलंबित सांसदों ने मकर द्वार की सीढ़ियों पर धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरना दे रहे सांसदों ने अमेरिका के साथ हुई व्यापार संधि का भी मुद्दा उठाया और कहा कि यह ट्रेड डील नहीं है, बल्कि ‘ट्रैप डील’ है।

गौरतलब है कि हफ्ते के पहले दिन सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राहुल गांधी को नहीं बोलने दिया गया था। उसके बाद से कांग्रेस ने भी लगातार हंगामा जारी रखा। कांग्रेस के विरोध की वजह से बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में भाषण नहीं दे पाए। एक दिन बाद गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास कर दिया गया। लोकसभा में 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। राज्यसभा में मोदी के भाषण के बाद प्रस्ताव पास हुआ था।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी पर तंज किया। उन्होंने राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर तंज करते हुए कहा, ‘जो उचित समझो वही करो’। गौरतलब है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने अपनी अप्रकाशित किताब में लिखा है कि 31 अगस्त 2020 को चीन की सेना भारत की सीमा की ओर बढ़ रही थी और ढाई घंटे तक दिल्ली से राजनीतिक निर्देश पाने का इंतजार करते रहे लेकिन अंत में साढ़े 10 बजे कहा गया कि, ‘जो उचित समझो वह करो’।

बहरहाल, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने स्पीकर ओम बिरला की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी से लोकसभा में भाषण न देने के लिए कहने के मुद्दे पर शुक्रवार को कहा, ‘हम विश्वगुरु हैं। हमारे प्रधानमंत्री 56 इंच सीने वाले नेता हैं और पाकिस्तानियों का उनके घर में भी सामना कर सकते हैं। वे ऐसा ड्रामा क्यों कर रहे हैं और ऐसा झूठ क्यों फैला रहे हैं? लोकसभा वह जगह है जहां से उन्हें चुना गया है। वह उसके सदस्यों में से एक हैं। वे सांसदों पर आरोप लगा रहे हैं’।

By NI Desk

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