हैदराबाद/बेंगलुरू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दक्षिण भारत के दौरे पर थे। उधर तमिलनाडु में जिस समय विजय मुख्यमंत्री की शपथ ले रहे थे उसी समय बेंगलुरू में प्रधानमंत्री एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे। उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस पर तीखा हमला किया और उसे धोखेबाज बताते हुए कहा कि कांग्रेस की एक परजीवी पार्टी है। उन्होंने कहा कि डीएमके ने हमेशा कांग्रेस के साथ दिया लेकिन कांग्रेस ने पहला मौका मिलते ही डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को बेंगलुरू में कहा, ‘डीएमके ने हर समय कांग्रेस के हित में काम किया, लेकिन जैसे ही सत्ता का समीकरण बदला, कांग्रेस ने पहले ही मौके पर डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया’। ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए डीएमके से नाता तोड़ने और केरल में अभी तक मुख्यमंत्री का फैसला नहीं कर पाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की।
बेंगलुरु के इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री हैदराबाद पहुंचे। वहां उन्होंने 94 सौ करोड़ रुपए के की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। हैदराबाद से प्रधानमंत्री गुजरात चले गए। वे रविवार की रात को जामनगर में रुकेंगे। अगले दिन सोमवार, 11 मई को प्रधानमंत्री सुबह करीब सवा दस बजे सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में शामिल होंगे। गौरतलब है कि सोमनाथ मंदिर के आधुनिक काल के पुनर्निमाण के 75 साल पूरे होने पर यह कार्यक्रम हो रहा है।
गुजरात रवाना होने से पहले हैदराबाद की सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में भाजपा को मिली जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में सिर्फ राजनीतिक दलों की जीत या हार नहीं हुई, बल्कि वहां की जनता ने ऐसी राजनीति को पराजित किया, जिसने लोगों को गुलामी की जंजीरों में जकड़ रखा था।
कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ धोखा देना जानती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद झूठ बोलती है और उसकी गारंटियां भी झूठी होती हैं। मोदी ने कहा, ‘कर्नाटक में पिछले तीन साल से यही स्थिति देखने को मिल रही है। राज्य सरकार जनता की समस्याएं हल करने के बजाय अपना ज्यादातर समय अंदरूनी झगड़े सुलझाने में बिता रही है’। उन्होंने आगे कहा कि यह तक तय नहीं हो पा रहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री कितने दिन तक पद पर रहेंगे और दूसरे नेता को मौका मिलेगा या नहीं।


