नई दिल्ली-सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज मामले में हरियाणा एसआईटी की जांच की दिशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह “गलत दिशा” में जा रही है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि एसआईटी सिर्फ प्राथमिकी की विषयवस्तु तक सीमित रहे और चार सप्ताह में रिपोर्ट दे।
कोर्ट ने मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रोफेसर से सहयोग के बावजूद उपकरणों को फोरेंसिक लैब भेजा गया। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह जांच में हस्तक्षेप नहीं कर रही, लेकिन एसआईटी को निर्देशित किया कि वह केवल दर्ज एफआईआर पर केंद्रित रहे। हरियाणा पुलिस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर महमूदाबाद के पोस्ट को लेकर दो प्राथमिकी दर्ज की थीं और उन्हें 18 मई को गिरफ्तार किया गया था।
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