नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने तिरूवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर की नाराजगी दूर की है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने एक साथ थरूर से मुलाकात की है। गौरतलब है कि थरूर काफी समय से इस तरह की मुलाकात की मांग कर रहे थे। वे कांग्रेस आलाकमान पर अनदेखी करने के आरोप भी लगा रहे थे। इसकी वजह से पहले उनके भाजपा में जाने की चर्चा हुई तो बाद में सीपीएम में शामिल होने की चर्चा भी होने लगी थी।
बहरहाल, गुरुवार को मुलाकात हुई तो राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर से करीब दो घंटे तक बातचीत की। बैठक को सकारात्मक बताते हुए थरूर ने कहा कि सब कुछ ठीक है और हम सब की सोच एक है। मुलाकात के बाद थरूर ने इस बात का खंडन किया कि उनको केरल में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनना है। इससे पहले खबर आई थी कि थरूर ने अपने को प्रदेश का सबसे लोकप्रिय नेता बताते हुए मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाने की मांग की थी।
हालांकि अब वे इस बात से इनकार कर रहे हैं इसका मतलब है कि कांग्रेस आलाकमान ने उनके गिले शिकवे दूर किए हैं लेकिन उनको सीएम का चेहरा बनाने पर सहमति नहीं बनी है। बहरहाल, गुरुवार को हुई मीटिंग में राहुल, खड़गे और थरूर तीन ही लोग थे। इस मीटिंग में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद नहीं थे। गौरतलब है कि केसी वेणुगोपाल भी केरल के रहने वाले हैं और उनको भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों से शशि थरूर पार्टी की अहम बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे। संसद सत्र से पहले कांग्रेस के रणनीतिक समूह की बैठक में भी वे गैरहाजिर रहे। इस बीच 19 जनवरी को राहुल गांधी ने कोच्चि में एक सभा की, जिसमें उन्होंने अनेक लोगों के नाम लिए लेकिन थरूर का नाम नहीं लिया। इससे भी थरूर आहत थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार की बैठक इसके साथ ही कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने थरूर को पार्टी के लिए अहम माना और उन्हें केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मिलकर काम करने को कहा।
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