नई दिल्ली। अगस्त के मुकाबले सितंबर में कम बारिश की संभावना है। लेकिन कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण और बिहार व उत्तर प्रदेश में नेपाल की बाढ़ के कारण भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। कई राज्यों में बाढ का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच बुधवार को उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक बार फिर गंगा एक्सप्रेसवे धंस गया। सड़क पर करीब सात फीट गहरा गडढा हो गया।
बहरहाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड आदि राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं। उत्तराखंड में लगातार बारिश से नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार होने के बाद चैनल खोल दिए गए हैं। राज्य में 172 सड़कें बंद हैं। नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में बुधवार को ऑरेंज अलर्ट था। कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
नेपाल की बाढ़ और उसके बाद हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राज्य में गंगा, गंडक और पुनपुन सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई दिनों से राज्य के कई हिस्सों तेज बारिश के कारण नदियों में पानी का स्तर बढ़ा है। उधर उत्तर प्रदेश के सीतापुर में भारी बारिश के कारण दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। गाजीपुर में गंगा में नहाते समय दो नाबालिग बह गईं। उन्नाव में बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब सात फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस मानसून में गंगा एक्सप्रेसवे धंसने की यह दूसरी घटना है। वहीं, बलिया में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
झारखंड में भैरवी, दामोदर सहित कई नदियों में जलस्तर बढ़ गया है। छोटानागपुर और कोल्हान के इलाके में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। उधर मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश हुई है। सतना में दो और तीन सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
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