कोलकाता। नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिल कर लौटने के अगले ही दिन विरोधी गुट के नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। विधानसभा स्पीकर की ओर से नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किए गए ऋतब्रत बनर्जी और उनके समर्थकों ने शुक्रवार को तृणमूल मुख्यालय के ताले बदल दिए और नए पोस्टर लगाए, जिनमें ममता बनर्जी की तस्वीर नहीं थी। हालांकि, कार्यालय के अंदर पहले से लगी ममता बनर्जी की तस्वीरों और कटआउट को नहीं हटाया गया।
शुक्रवार को ऋतब्रत बनर्जी अपने साथी नेताओं और पार्टी के कोषाध्यक्ष के साथ तृणमूल कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने बैठक की और दावा किया कि वही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। एक दिन पहले गुरुवार को उन्होंने दिल्ली में मुख्य चुनाव आय़ुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर दावा किया था।
ऋतब्रत बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि अब से पार्टी का सारा काम इसी कार्यालय से चलेगा। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद तीन जून को तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 58 विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए थे। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था।


