नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज की खाड़ी से जहाजों को निकलवाने का अभियान स्थगित कर दिया है। उन्होंने होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए चार मई को प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया था। हालांकि अब उन्होंने इसे रोकने का आदेश दिया है। इसकी शुरुआत करते हुए ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी नौसेना जहाजों को सुरक्षा देकर होर्मुज की खाड़ी से निकालेगी। ईरान ने इसका विरोध किया था। इसे स्थगित करते हुए ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान के कहने पर वे इसे रोक रहे हैं।
इस बीच खबर आई है कि अमेरिका ने पाकिस्तान के कारण नहीं, बल्कि सऊदी अरब की वजह से इसे रोका है। बताया जा रहा है कि सऊदी अरब अमेरिका की इस योजना से नाराज था। अमेरिकी मीडिया एनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने इस मिशन में शामिल अमेरिकी विमानों को अपने एयरस्पेस और एयरबेस के इस्तेमाल की इजाजत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ट्रंप ने इसे रोकने का फैसला किया।
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन का ऐलान कर दिया था। इससे खाड़ी के सहयोगी देश चौंक गए। सऊदी अरब के नेता इससे नाराज हो गए। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत भी की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत अमेरिका दो दिन में सिर्फ तीन जहाज पार करा पाया और आखिरकार ट्रंप को यह अभियान रोकना पड़ा।
उधर एक अन्य घटनाक्रम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो वेटिकन पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात पोप लियो से होगी। गौरतलब है कि ईरान युद्ध को लेकर व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो की खुल कर आलोचना की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोप को अपराध के मुद्दे पर ‘कमजोर’ और विदेश नीति के लिए ‘खराब’ बताया था।


