नई दिल्ली/मुंबई। शाहरूख खान अब एक नए विवाद में फंस गए हैं। उन्होंने अपनी आईपीएल टीम केकेआर के लिए बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर को बोली लगा कर खरीदा, जिसकी वजह से उनके ऊपर हमले हो रहे हैं। भाजपा से लेकर उद्धव ठाकरे की शिव सेना और धर्म गुरुओं से लेकर कथावाचकों तक ने शाहरूख को निशाना बनाया है। मुंबई में महानगरपालिका चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे की शिव सेना को यह मुद्दा मिल गया है। उनकी पार्टी ने कहा कि आईपीएल में बांग्लादेश के क्रिकेटर को नहीं बरदाश्त किया जाएगा।
उद्धव ठाकरे की शिव सेना के प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुस्तफिजुर रहमान को लेकर कहा कि शाहरूख खान अगर उसे टीम में लेते हैं तो वह जो पैसे कमाएगा उसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और भारत के खिलाफ साजिश के लिए होगा। उन्होंने कहा कि इसे किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं और 15 दिन में तीन हिंदुओं की हत्या हो चुकी है।
बहरहाल, इस विवाद के बीच बांग्लादेश ने भारत के साथ क्रिकेट सीरीज का भी ऐलान किया है। इस बीच जानकार सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश के साथ दोपक्षीय क्रिकेट सीरीज खेलने या बांग्लादेशी खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने पर कोई रोक नहीं है। इस तरह की रोक सिर्फ पाकिस्तान की टीम और उसके खिलाड़ियों के ऊपर ही है। जाहिर है कि खेल मंत्रालय और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने मंजूरी दी है तभी बांग्लादेश के खिलाड़ियों की नीलामी हुई। लेकिन भारत सरकार और बीसीसीआई से सवाल पूछने की बजाय शाहरूख खान को निशाना बनाया जा रहा है।
इस विवाद में अब तक उद्धव ठाकरे की शिव सेना के अलावा मुंबई के पूर्व सांसद संजय निरूपम और उत्तर प्रदेश से भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम सहित कई लोग शाहरूख खान की आलोचना कर चुके हैं। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से लेकर धर्म गुरू रामभद्राचार्य तक ने मुस्तफिजुर रहमान को टीम में लेने के लिए शाहरूख की आलोचना की है। इन लोगों ने कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन कर मारा जा रहा है और उनके घरों में आग लगाई जा रही है। ऐसे में वहां के खिलाड़ियों को खरीदना सरासर गलत है।


