मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए लोगों से पेट्रोल, डीजल व गैस किफायत से खर्च करने की अपील के अगले दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट हुई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,313 अंक की गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 360 अंक की गिरावट रही, ये 23,815 पर बंद हुआ।
सोमवार के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट रही। इससे पहले पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, आठ मई को भी शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सूचकांक 516 अंक की गिरावट के साथ 77,328 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 150 अंकों की गिरावट रही, ये 24,176 पर बंद हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार के बयान के बाद सोमवार, 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयर 10 फीसदी तक गिरे। एक दिन पहले रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयर 10 फीसदी की गिरावट हुई है।। देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर में सात फीसदी की गिरावट है।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद इस बात की संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर आयात शुल्क बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की मांग में 10 फीसदी से ज्यादा की कमी आ सकती है। शेयर बाजार में गिरावट का एक कारण ईरान में अनिश्चितता को भी बताया जा रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई है।


