मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी में औपचारिक रूप से एक और टूट हो गई है। पार्टी के नौ में से छह सांसद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिव सेना में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही शिव सेना के सांसदों की संख्या बढ़ कर 13 हो गई है। वह एनडीए की सहयोगी पार्टियों में सांसदों की संख्या के लिहाज से चौथी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
इससे पहले सोमवार को उद्धव ठाकरे के बागी सांसदों ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उनके नंदनवन बंगले पर बैठक की। इसके बाद बागी सांसदों ने शिंदे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पार्टी बदलने का ऐलान किया। इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब छक्के लग चुके हैं। हमारी लड़ाई बाला साहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए’।
बागी सांसदों के शिव सेना में शामिल होने पर उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है। कम से कम यह मान लीजिए कि लालच की वजह से आपने रातों रात बिना किसी शर्म के यह सब छोड़ दिया’। अब उद्धव गुट के पास सिर्फ तीन सांसद और 20 विधायक हैं। गौरतलब है कि चार साल में उद्धव ठाकरे की पार्टी में दूसरी बार टूट हुई है।
इस बीच खबर है कि उद्धव ठाकरे ने मुंबई में अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों यानी एमएलसी के साथ बैठक की, जिसमें मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक में चार विधायक निजी कारणों से नहीं पहुंचे। उद्धव ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बागी सांसदों पर निशाना साधा और कहा, ‘उन्हें अपना पक्ष रखने दीजिए। सही समय आने पर हम अपना पक्ष रखेंगे’। वहीं पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, ‘शिंदे ने छह गद्दार पैदा किए हैं। हालात संभालने के लिए अब सर्जरी करनी पड़ेगी’।


