नई दिल्ली। होरमुज की खाड़ी खुलवाने और तेल टैंकरों की सुरक्षा आवाजाही सुनिश्चित करने के मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ खींच लेने के बाद ब्रिटेन ने बड़ी पहल की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ऐलान किया है कि इस हफ्ते ब्रिटेन होरमुज के मसले पर 35 देशों की एक अहम बैठक आयोजित करेगा। इसका मकसद होरमुज को फिर से खोलने पर चर्चा करना है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर ब्रिटेन को होरमुज से तेल लेना है तो जाए और ले ले।
बहरहाल, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की बुलाई बैठक में दुनिया के कई बड़े देश शामिल होंगे और इसका मकसद इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते की सुरक्षा और भविष्य को लेकर समाधान निकालना है। कतर ने भी इस मुद्दे पर चर्चा में दिलचस्पी दिखाई है। भारत इस बैठक में हिस्सा लेगा या नहीं यह तय नहीं है लेकिन कहा जा रहा है कि भारत इसमें शामिल हो सकता है। गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया और होरमुज की खाड़ी के क्षेत्र पर काफी निर्भर है और खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय भी रहते हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद बुधवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही जंग उनकी नहीं है। ब्रिटेन इसका हिस्सा नहीं बनेगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि ब्रिटेन एक वैश्विक आयोजन करेगा, जिसमें होरमुज की खाड़ी को दोबारा खोलने के तरीकों पर चर्चा होगी। स्टार्मर ने कहा, ‘चाहे मुझ पर कितना भी दबाव हो या कितनी भी बातें हों, मैं हर फैसला ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में ही लूंगा। इसलिए मैंने साफ कहा है कि यह हमारी लड़ाई नहीं है और हम इसमें शामिल नहीं होंगे’। उन्होंने चेतावनी दी कि यह युद्ध अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है और इसका असर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।


