नई दिल्ली। इस साल मानसून में बादल सामान्य से कम बरसेंगे। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मानसून तय समय पर यानी एक जून को केरल के तट पर पहुंच जाएगा लेकिन मानसून के महीने में बारिश सामान्य से कम होगी। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद यह आगे बढ़ते हुए भोपाल सहित मध्य भारत में 15 से 20 जून के बीच दस्तक देगा। पिछले साल मानसून तय समय से आठ दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था।
मानसून केरल से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि अल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार देश में मानसून सीजन के दौरान करीब 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर लॉन्ग पीरियड यानी दीर्घावधि का औसत 87 सेंटीमीटर है। मौसम विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम महापात्रा ने मीडिया से कहा कि इस साल देश में कुल बारिश लॉन्ग पीरियड औसत का करीब 92 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसे सामान्य से कम श्रेणी में रखा गया है।


