मुंबई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले अपनी अपनी धमकी की समय सीमा आगे बढ़ा दी है लेकिन ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले की उनकी धमकी से पूरी दुनिया में शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट हुई। सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई में बड़ी गिरावट हुई और एक दिन में निवेशकों की 14 लाख करोड़ रुपए की पूंजी कम हो गई। पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में थोड़ी तेजी रही थी लेकिन शनिवार को ट्रंप की ओर से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने की वजह से नए कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सभी एशियाई बाजारों में शेयर बाजार में गिरावट हुई।
सोमवार, 23 मार्च बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,837 अंक यानी 2.46 फीसदी की गिरावट के साथ 72,696 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 602 अंक यानी 2.60 फीसदी की गिरावट हुई। यह 22,513 पर बंद हुआ। सोमवार को बैंकिंग, ऑटो, मेटल और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में ज्यादा गिरावट रही। इससे पहले शुक्रवार, 20 मार्च को शेयर बाजार में तेजी रही थी और सूचकांक 325 बढ़ कर बंद हुआ था।
माना जा रहा है कि ईरान को दी गई ट्रंपर की धमकी की वजह से बाजारों में गिरावट रही। वैसे भी ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले से आपूर्ति शृंखला बिगड़ गई है। कच्चे तेल के दाम बढ़ कर 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत डेढ़ सौ डॉलर प्रति बैरल पार करने की खबर है। इसका भी असर बाजार पर दिख रहा है।
बहरहाल, बीएसई के साथ साथ सभी एशियाई बाजारों में सोमवार को गिरावट रही। जापान का निक्केई इंडेक्स 3.35 फीसदी गिर कर 51,582 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.62 फीसदी गिरा तो हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 3.37 फीसदी गिरा। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 2.29 फीसदी गिर कर 3,866 पर पहुंच गया। अमेरिकी बाजार में भी गिरावट रही है।


