उच्चतम न्यायालय ने 2025 में हनीमून के दौरान पति की हत्या करने की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत देने के मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश पर आपत्ति जताई, लेकिन यह कहते हुए उस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया कि सोनम रघुवंशी जेल से रिहा हो चुकी है, और अधीनस्थ अदालत की जमानत शर्तों के तहत शिलांग में रह रही है।
राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोनम रघुवंशी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और उसे तकनीकी आधार पर रिहा नहीं किया जा सकता। मेहता ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया, लेकिन पीठ ने यह राहत देने से इनकार कर दिया।
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पीठ ने शीर्ष अदालत में अवकाश के बाद कामकाज फिर शुरू होने पर मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
मेघालय सरकार ने मामले की मुख्य आरोपी को दी गई जमानत के खिलाफ बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। मध्यप्रदेश के इंदौर की निवासी सोनम रघुवंशी को उसके कारोबारी पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में पिछले वर्ष जून में गिरफ्तार किया गया था।
हनीमून के लिए मेघालय गए राजा एवं सोनम पिछले वर्ष 23 मई को सोहरा इलाके में लापता हो गए थे। इसके बाद राजा रघुवंशी का शव दो जून 2025 को एक गहरी खाई में मिला था। पुलिस ने आरोप लगाया है कि सोनम रघुवंशी ने भाड़े के हमलावरों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी।
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