नई दिल्ली। यमन में मौत की सजा पाई केरल की नर्स निमिषा प्रिया मामले पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार को इस मामले में राजनयिक दखल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इसे स्वीकार कर लिया है और कहा है कि इस मामले पर अब 14 जुलाई को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि निमिषा प्रिया को यमन के एक नागरिक की हत्या के मामले में 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। पिछले साल यमन के राष्ट्रपति राशद अल अलीमी ने उनकी मौत की सजा को मंजूरी दी थी। अब इसमें छह दिन बचे हैं और निमिषा को बचाने का प्रयास तेज हो गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार मामले पर नजर रखे हुए है और यमन के अधिकारियों और निमिषा के परिवार के साथ लगातार संपर्क में है। बताया गया है कि निमिषा 2017 से यमन की जेल में बंद हैं। उन पर यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी को दवा की ओवरडोज देकर हत्या करने का आरोप है। निमिषा और महदी यमन में एक प्राइवेट क्लिनिक में पार्टनर थे। निमिषा ने आरोप लगाया है कि महदी ने उनका पासपोर्ट कब्जे में ले रखा था और उन्हें प्रताड़ित करता था।
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