नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों की सुरक्षा और भारतीय जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रूप से सुनिश्चित करने के लिए भारत ईरान और दूसरे देशों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि होरमुज की खाड़ी से भारतीय जहाजों का सुचारू आवाजाही हो इसके लिए ईरान सहित दूसरे देशों के संपर्क में है भारत।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रालय का विशेष कंट्रोल रूम लगातार काम कर रहा है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी समन्वय बना कर काम किया जा रहा है। रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बताया कि ओमान के सोहर शहर में हुए एक हमले में मारे गए दो भारतीयों के शव मंगलवार को जयपुर में उनके परिवारों को सौंप दिए गए। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अब तक पश्चिम एशिया से 44 हजार लोग भारत वापस आ चुके हैं।
उधर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर कहा कि इसकी कमी एक बड़ी चिंता है, लेकिन इसके लिए वैकल्पिक स्रोत तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में गैस की आपूर्ति को विविध बनाने की कोशिश की गई है, जिसमें अमेरिका से भी कुछ आपूर्ति शुरू हुई है। इस बीच भारत का नंदा देवी जहाज होरमुज की खाड़ी को पार करके सोमवार की रात करीब ढाई बजे गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। दोनों जहाजों पर करीब 92 हजार टन एलपीजी लदी थी।


