nayaindia संजय सिंह की जमानत: सुप्रीम कोर्ट का फैसला और आयकर विभाग की सुनवाई
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संजय सिंह को जमानत मिली

ByNI Desk,
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सुप्रीम कोर्ट
Sanjay Singh Bail

नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन के लिए दो दिन में दो अच्छी खबरें मिली हैं। पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आयकर विभाग ने कहा कि वह कांग्रेस को भेजे गए साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए के टैक्स नोटिस पर चुनाव तक कोई कार्रवाई नहीं करेगी और अब मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट में आश्चर्यजनक रूप से प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने संजय सिंह की जमानत का विरोध नहीं किया। उसके बाद सर्वोच्च अदालत ने उनको जमानत दे दी।

गौरतलब है कि दिल्ली की शराब नीति में हुए कथित घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में संजय सिंह को पिछले साल चार अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। जेल में रहते ही आम आदमी पार्टी ने उनको दूसरी बार राज्यसभा भेजा है। शराब नीति से जुड़े मामले में ही दिल्ली के उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया फरवरी 2022 से ही जेल में हैं और अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी गिरफ्तार होकर तिहाड़ जेल पहुंच गए हैं।

बहरहाल, संजय सिंह के वकील ने मंगलवार को कहा कि वे केस में अपने रोल से जुड़ा कोई बयान नहीं देंगे। इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा था कि क्या संजय सिंह को और ज्यादा दिन जेल में रखे जाने की जरूरत है? इस पर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कहा गया कि अगर सर्वोच्च अदालत संजय सिंह को जमानत देती है तो उसे कोई ऐतराज नहीं है। ईडी के विरोध नहीं करने के बाद अदालत ने उनको जमानत दे दी।

संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद उनके वकील ऋषिकेश कुमार ने बताया- लंच के पहले और लंच के बाद दो कार्यवाही हुई। लंच के पहले कोर्ट ने कहा कि जैसी बहस हुई है उस आधार पर संजय सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। आप इस पर निर्देश लेकर आएं और बताएं कि आप क्या करना चाहते हैं, क्योंकि अगर हमने ऑर्डर में लिख दिया कि इनके खिलाफ कोई केस नहीं बनता है तो ये आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। इस पर ईडी ने कहा कि उसे कोई दिक्कत नहीं है, संजय सिंह को जमानत दे दी जाए।

ईडी के आरोपपत्र में संजय सिंह पर 82 लाख रुपए का चंदा लेने का जिक्र है। हालांकि पहले संजय सिंह ने दावा किया था कि ईडी के आरोपपत्र में उनका नाम गलती से शामिल हो गया है। लेकिन बाद में ईडी ने बताया कि उसके आरोपपत्र में उनका नाम चार जगह है। बहरहाल, चंदे की रकम को लेकर ईडी उनके घर पूछताछ के लिए पहुंची थी और उनसे 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। दिल्ली शराब नीति केस में ईडी का दूसरा पूरक आरोपपत्र दो मई को जारी किया गया था। इसमें आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का भी नाम सामने आया था। हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया।

 

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