इम्फाल। मणिपुर में हिंसा थम नहीं रही है। छह जुलाई से लापता दो नाबालिग छात्रों के शव का वीडियो सामने आने के बाद पूरे राज्य में प्रदर्शन शुरू हो गया है। राज्य में वायरल हो रहे वीडियो से पता चलता है कि संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने दो नाबालिग छात्रों को अगवा किया था और उसके बाद उनकी नृशंस हत्या कर दी। इसके विरोध में मणिपुर की राजधानी इम्फाल में मंगलवार को सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जिसमें 50 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरक्षा बलों की कार्रवाई से अफरा-तफरी मच गई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल ले भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि करीब पांच महीने के प्रतिबंध के बाद, राज्य में दो दिन पहले ही मोबाइल इंटरनेट की सेवा बहाल हुई है। इसके बाद दो छात्रों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई और फिर तुरंत ही हिंसा और प्रदर्शन शुरू हो गया। राज्य में जातीय हिंसा के चरम पर होने के दौरान छह जुलाई को ये दोनों छात्र लापता हुए थे। वायरल वीडियो से उनकी हत्या किए जाने का संदेह है।
सोशल मीडिया में वायरल तस्वीरों में दो छात्रों, जिनमें एक 17 साल की लड़की और उसी उम्र के एक लड़के को एक सशस्त्र समूह के अस्थायी जंगल शिविर के घास वाले परिसर में बैठे हुए दिखाया गया है। उनके पीछे बंदूकों के साथ दो आदमी नजर आ रहे हैं। इसके बाद अगली फोटो में उनके शव जमीन पर गिरे हुए नजर आ रहे हैं। जानकार सूत्रों के मुताबिक नाबालिग की हत्या से पहले बलात्कार के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बीच, मणिपुर सरकार ने लोगों से संयम बरतने और अधिकारियों को दोनों के अपहरण और हत्या की जांच करने देने को कहा है। सोमवार देर रात मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में, राज्य सरकार ने कहा कि मामला पहले ही सीबीआई को सौंप दिया गया है।
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