नई दिल्ली। भारत ने एक साथ कई लक्ष्य पर हमला करने वाला अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल पांच हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है और एक बार में डेढ़ टन परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। मारक क्षमता और दूरी के हिसाब से देखें तो लगभग पूरा चीन, पूरा पाकिस्तान और लगभग आधा यूरोप इसके निशाने पर है। अग्नि-5 के परीक्षण को मिशन दिव्यास्त्र नाम दिया गया है। इसके सफल होने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट करके की। Agni 5 missile
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यह अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल यानी एमआईआरवी तकनीक से लैस है और पूरी तरह से स्वदेशी है। इसे रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस मिसाइल से यह सुनिश्चित होगा कि एक ही मिसाइल युद्ध के कई प्रमुख क्षेत्रों पर निशाना लगाने के लिए एक साथ तैनात की जा सकती है। इस परियोजना की निदेशक एक महिला हैं और इस मिशन में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। Agni 5 missile
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मिशन दिव्यास्त्र के परीक्षण के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास एमआईआरवी क्षमता है। इस समय भारत के अलावा आठ देशों- अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, इजराइल, उत्तर कोरिया और बेल्जियम के पास यह तकनीक है। भारत में विकसित यह प्रणाली स्वदेशी एवियोनिक्स प्रणालियों और उच्च सटीकता सेंसर पैकेजों से लैस है, जो ये सुनिश्चित करती है कि सटीकता के साथ ये लक्ष्य तक पहुंचती है।
ओपेनहाइमर सचमुच सिकंदर!
ये मिसाइल एक साथ कई हथियार ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल डेढ़ टन तक परमाणु हथियार अपने साथ ले जा सकती है। इसकी स्पीड मैक 24 है, यानी आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा। इसके लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए इस मिसाइल को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।
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