नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम के विरोध पर कांग्रेस को घेरा है। तृणमूल कांग्रेस ने पूछा है कि कांग्रेस बताए कि ईवीएम कैसे हैक हो सकता है? गौरतलब है कि एक दिन पहले उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि कांग्रेस को ईवीएम का रोना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा था कि जब जीतते हैं तो ईवीएम ठीक होता है और जब हार जाते हैं तो ईवीएम का रोना रोने लगते हैं। उनके इस पर बयान पर कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला बदल गए हैं।
बहरहाल, उमर के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने ईवीएम पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने सोमवार को कहा- जो लोग ईवीएम पर संदेह करते हैं, उन्हें यह दिखाना चाहिए कि उन्हें कैसे हैक किया जा सकता है। बेतरतीब बयानबाजी से कुछ नहीं किया जा सकता। अभिषेक ने कहा- ईवीएम पर सवाल उठाने वाले लोगों के पास अगर कुछ है, तो उन्हें चुनाव आयोग को डेमो दिखाना चाहिए।
ईवीएम का बचाव करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा- अगर ईवीएम रैंडमाइजेशन के समय काम ठीक से किया गया हो और मॉक पोल और काउंटिंग के दौरान बूथ पर लोग ठीक से काम करते हों, तो मुझे नहीं लगता कि इस आरोप में कोई दम है। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ईवीएम की वोटिंग में ही लगातार तीन विधानसभा और तीन लोकसभा चुनाव जीती है। उधर उमर अब्दुल्ला भी ईवीएम से ही वोटिंग में जीत कर मुख्यमंत्री बने हैं।
उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा था कि कांग्रेस ईवीएम पर रोना बंद करे। चुनाव में जीतने पर आप जश्न मनाते हैं और हारते हैं तो ईवीएम पर सवाल उठाते हैं। यह ठीक नहीं है। उमर ने कहा था- ईवीएम के जरिए एक सौ से ज्यादा सांसद चुनते हैं, तब कांग्रेस के नेता इसे अपनी पार्टी की जीत बताते हैं। पार्टियों को चुनाव लड़ने से पहले यह तय करना चाहिए कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है या नहीं। भरोसा नहीं है, तो चुनाव लड़ना ही नहीं चाहिए।
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Image Source: ANI


