नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की सबसे बड़ी तेल फैसिलिटी खार्ग द्वीप पर कब्जा करना चाहते हैं। खार्ग द्वीप पर ईरान के सैन्य ठिकाने को पूरी तरह से नष्ट करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप वहां कब्जा करने के लिए सेना भेज रहे हैं। कहा जा रहा है कि तीन वारशिप खार्ग की ओर भेजे गए हैं। इस बीच ट्रंप ने होरमुज की खाड़ी खुलवाने में मदद नहीं करने और ईरान पर हमले से दूर रहने के लिए नाटो देशों की आलोचना की है। उन्होंने नाटो देशों को कायर कहा है।
बहरहाल, अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सेटेलाइट इमेज से पता चला है कि तीन अमेरिकी युद्धपोतों के साथ मरीन सैनिक ईरान भेजे जा रहे हैं। अमेरिकी युद्धपोतों में यूएसएस त्रिपोली, यूएसएस सैन डिएगो और यूएसएस न्यू ऑरलियंस शामिल हैं। इन पर करीब 22 सौ सैनिक तैनात हैं। ये सभी सैनिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं, जिसे तुरंत एक्शन के लिए तैयार रखा जाता है। ये तीनों युद्धपोत जापान के पास थे, जहां से आगे बढ़े हैं और भारत के पास दक्षिणी हिंद महासागर में है।
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक ट्रंप सरकार ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने या उसे घेरने की योजना पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि वे ईरान सैनिक नहीं भेज रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा था, ‘मैं कहीं भी सैनिक नहीं भेज रहा हूं। अगर भेजता भी, तो आपको नहीं बताता’। हालांकि वे अचानक फैसले करते हैं। इसलिए उनकी बातों पर किसी को यकीन नहीं है। अमेरिकी मीडिया बता रहा है कि ट्रंप हजारों सैनिक ईरान में उतारने पर विचार कर रहे हैं। ये सैनिक खार्ग द्वीप पर उतरेंगे। गौरतलब है कि खार्ग में ईरान की सबसे बड़ी तेल फैसिलिटी है।
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