दावोस। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग सुलझाने के लिए बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गुरुवार को दावोस में लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड का शुरुआती मकसद गाजा में हुए युद्धविराम को मजबूत करना है, लेकिन आगे चलकर यह दूसरे वैश्विक विवादों में भी भूमिका निभा सकता है। अमेरिका की ओर से इस बोर्ड में शामिल होने के लिए 60 देशों को न्योता भेजा गया था, लेकिन सिर्फ 20 देश ही इसके लॉन्च कार्यक्रम में शामिल हुए। इसमें पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब, कतर, यूएई, अर्जेंटीना और पराग्वे के नेता मौजूद थे। भारत से कोई इस समारोह में शामिल नहीं हुआ।
अमेरिका के सहयोगी माने जाने वाले ज्यादातर यूरोपीय देश भी इस समारोह से नदारद रहे। पहले कहा जा रहा था कि कार्यक्रम में 35 देशों के नेता शामिल हो सकते हैं। करीब 60 देशों को भेजे गए न्योते में बताया गया है कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा। यह भी कहा गया है कि स्थायी सदस्यता के लिए एक अरब डॉलर यानी करीब नौ हजार करोड़ रुपए देने होंगे।
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