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ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने इस्तीफा दिया

ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सरकारी स्वामित्व वाली नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (एनआईओसी) के मुख्य कार्यकारी हामिद बोवार्ड को कार्यवाहक तेल मंत्री नियुक्त किया गया है।

सरकारी मीडिया संस्थान आईआरआईबी के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने श्री पाकनेजाद का इस्तीफा स्वीकार करते हुए श्री बोवार्ड को कार्यवाहक तेल मंत्री नियुक्त किया।

राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि पाकनेजाद ने पहले भी “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला देते हुए पद छोड़ने की इच्छा जतायी थी, लेकिन उनका शुरुआती अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया था।

प्रवक्ता के अनुसार, श्री पेजेश्कियान ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा था, लेकिन श्री पाकनेजाद अपने फैसले पर कायम रहे। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनके कार्यकाल के दौरान “प्रयासों और ईमानदार सेवा” के लिए उनकी सराहना की।

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यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ईरान के पेट्रोलियम निर्यात पर कड़ा नौसैनिक नाकाबंदी अभियान चला रहा है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य भी प्रमुख तनाव केंद्र बन गया है। फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों से पहले इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की ढुलाई होती थी।

ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और कथित रूप से अनधिकृत मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी के बाद अमेरिका ने जवाबी नाकाबंदी लागू की। इसका उद्देश्य ईरान के बंदरगाहों को निशाना बनाकर उसके पेट्रोलियम निर्यात को रोकना है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान के तहत ईरान के वाहन और रेल क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए नये प्रतिबंधों की घोषणा की है।

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि नये प्रतिबंधों का उद्देश्य युद्ध के वित्तपोषण की तेहरान की क्षमता को और कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका “शासन के राजस्व को हमेशा के लिए खत्म करने” की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी दबाव ईरान के बचे हुए पेट्रोलियम राजस्व स्रोतों पर भी केंद्रित है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि नौसैनिक नाकाबंदी और प्रतिबंधों का उद्देश्य तेहरान को कच्चा तेल बेचने तथा विदेशी मुद्रा तक पहुंच हासिल करने से रोकना है।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें गिर रही हैं और दावा किया कि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को “लगभग छोड़ दिया है।” यह घटनाक्रम संघर्ष के आठवें महीने में प्रवेश करने के बीच हुआ है।

Pic Credit : UNI

By Naya India

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