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ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि 48 घंटे के अंदर ईरान होरमुज की खाड़ी को पूरी तरह से खोल दे नहीं तो अमेरिका बड़ा हमला करेगा। उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर खास कर पावर प्लांट्स पर हमला करने की धमकी दी है। गौरतलब है कि अभी तक अमेरिका ने ईरान के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाया है। वह ईरान के नागरिकों को परेशान नहीं करना चाहता है क्योंकि उसे उम्मीद है कि ईरान के नागरिक इस्लामिक सत्ता के खिलाफ उतरेंगे तभी शासन बदलेगा।

बहरहाल, ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने इजराइल पर बहुत बड़ा हमला किया। ईरान ने शनिवार की रात को और रविवार की सुबह इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल से हमला किया। ईरान ने रविवार सुबह से चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजराइल की मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में तीन सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इजराइली विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य सेवाओं के मुताबिक, घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।

इससे पहले ईरान ने शनिवार की रात को इजराइल के डिमोना और अराद शहरों पर हमला किया। यहां इजराइल का बड़ा न्यूक्लियर प्लांट है। असल में, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धमकी देते हुए लिखा, ‘अगर 48 घंटे के भीतर होरमुज की खाड़ी को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी’।

राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने भी पलट कर चेतावनी दी और कहा कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों पर हमला करेगा। गौरतलब है कि इजराइल ने पिछले दिनों ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था तो जवाब में ईरान ने साउथ पार्स से सटे कतर के गैस फील्ड पर हमला कर दिया था। कतर के रास लफान सयंत्र पर हमले से पूरी दुनिया में गैस की आपूर्ति प्रभावित होगी।

ईरान अब भी पश्चिम एशिया के अलग अलग देशों में अमेरिकी सैनिक ठिकानों पर हमला कर रहा है। साथ ही वह सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना रहा है। उसने इराक की राजधानी बगदाद में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित अमेरिकी डिप्लोमैटिक और लॉजिस्टिक्स सेंटर पर शनिवार को रात भर हमले किए। एक इराकी सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि रविवार सुबह तक कुल आठ हमले हुए, जिनमें रॉकेट और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इराक में कई बार इस्लामिक रेजिस्टेंस नाम के संगठन की ओर से भी हमला करने की खबर आती रही है।

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By NI Desk

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