नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव आयोग पर हमला किया। वे सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिली थीं। उसके एक दिन बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि चुनिंदा तरीके से लोगों के नाम हटाने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल विधायकों वाली सीटों से चुन चुन कर नाम हटाए जा रहे हैं।
ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर हमला करते हुए कहा, ‘पहले फेज में उन्होंने 58 लाख नाम हटा दिए, वे पीड़ितों को फॉर्म नंबर छह भरकर अपना बचाव करने का कोई मौका भी नहीं दे रहे हैं। सिर्फ 58 लाख नाम एकतरफा हटा दिए गए, हर साल चुनाव आयोग सर्वे करता है और स्पेशल रिवीजन करता है, वह एक अलग सवाल है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो ज़िंदा हैं लेकिन उन्हें मरा हुआ दिखाया गया है’।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे लोगों को भी बैठाया, जिनको वे एसआईआर से पीड़ित बता रही हैं। उन्होंने कहा कि ये सब लोग एसआईआर के शिकार हैं और ऐसे लाखों लोग हैं। ममता ने कहा, ‘मेरा पहला प्वाइंट यह है कि साल 2002 में बंगाल में एसआईआर केस रजिस्टर और प्रोसेस किए गए थे। उसके 24 साल बाद, उसका कोई नामोनिशान नहीं है’। उन्होंने आगे कहा, चुनाव से ठीक पहले क्यों, क्योंकि यह फरवरी का महीना है, हो सकता है वे नोटिफिकेशन जारी कर दें। दो तीन महीनों के अंदर क्या बिना प्लानिंग, बिना मैपिंग, बिना सही ट्रेनिंग, बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के एसआईआर करना मुमकिन है? उन्होंने कहा कि उनकी छह चिट्ठियों का चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया।
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