चेन्नई। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय बुधवार को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगे। उनके पास बहुमत के लिए जरूरी 117 से चार ज्यादा विधायकों का आंकड़ा है। उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के सामने 121 विधायकों का समर्थन पत्र पेश किया था, जिसके आधार पर उनको शपथ के लिए आमंत्रित किया गया।
परंतु अब विजय को अन्ना डीएमके से बागी होकर अलग हुए खेमे का समर्थन भी मिल गया है। मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को अन्ना डीएमके विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के बागी विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान अन्ना डीएमके विधायक एसपी वेलुमणि भी मौजूद रहे। षणमुगम और वेलुमणि ने अन्ना डीएमके के करीब 30 विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है।
षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ई पलानीस्वामी पर डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘अन्ना डीएमके की स्थापना डीएमके का विरोध करने के लिए हुई थी। हम डीएमके से जुड़ते तो खत्म हो जाते’। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। दूसरी ओर 17 विधायकों ने पलानीस्वामी को नेता चुना है। अगर 30 विधायकों का समर्थन विजय को मिलता है तो सदन में उनकी संख्या 151 हो जाएगी।


