इम्फाल। मणिपुर में एक साल के बाद लोकप्रिय सरकार का गठन हुआ है लेकिन उसके बाद हिंसा भड़क गई है। कुकी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कुकी विधायक के सरकार में शामिल होने का भी विरोध कर रहे हैं। कुकी-जो-हमार समुदाय के विधायकों के राज्य सरकार में शामिल होने के विरोध में शुक्रवार को चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में हजारों लोगों ने रैलियां निकालीं। कुछ संगठनों ने उप मुख्यमंत्री नेपचा किपगेन के ऊपर 20 लाख का इनाम भी घोषित किया है।
बहरहाल, शुक्रवार को चुराचांदपुर में विरोध प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में पूरी तरह से शटडाउन लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुकी-जो-हमार समुदाय से आने वाले तीन भाजपा विधायक नेमचा किपगेन, एलएम खाउते और एन सनाटे ने समुदाय के साथ धोखा किया है। नेमचा किपगेन के उप मुख्यमंत्री बनने के विरोध में चुराचांदपुर में उनके और अन्य विधायकों के पुतले जलाए गए।
चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को वापस उनकी बैरक में धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षा बल पीछे नहीं हटे तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए। आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने कुकी-बहुल चुराचांदपुर में शुक्रवार सुबह छह बजे से 12 घंटे का बंद बुलाया थी। उधर, कुछ संगठनों ने नेमचा किपगेन को मारने वाले को 20 लाख और विधायकों एलएम खाउते, एन सेनाते को मारने वाले को 10-10 लाख रुपए इनाम देने का ऐलान किया है।
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