कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार को होगा। बची हुई 142 सीटों पर सुबह सात बजे से वोट डाले जाएंगे। दक्षिण बंगाल और प्रेसिडेंसी इलाके में नदिया, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हुगली, हावड़ा, और पूर्वी वर्धमान की 142 सीटों में से पिछली बार ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 123 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को सिर्फ 14 सीटें मिली थी। इस चरण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित उनकी सरकार के कई अहम मंत्रियों की किस्मत दांव पर लगी है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित इस चरण में 1,448 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला राज्य के करीब तीन करोड़ 22 लाख मतदाता करेंगे। वोटों की गिनती चार मई को होगी। दूसरे चरण में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा को पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर मंगलवार को सीआरपीएफ ने फ्लैग मार्च निकाला। उनके खिलाफ भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। शुभेंदु ने पिछली बार ममता को नंदीग्राम सीट पर हराया था।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को पहले चरण में करीब 93 फीसदी मतदान हुआ था। इस बीच चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल के चुनावों में किसी भी तरह के बमों का इस्तेमाल न हो। इसके लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए को तैनात किया गया है। दूसरे चरण के मतदान से पहले दक्षिण 24 परगना के फालटा इलाके में तनाव बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को ऑब्जर्वर बना कर वहां भेजा गया है। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे फालटा के तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इस बीच फालटा में रात के समय घरों में जबरन घुसने और महिलाओं के साथ मारपीट करने के आरोप में अजयपाल शर्मा और केंद्रीय बलों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत पीड़ित महिलाओं में से एक ने दर्ज कराई है।
बहरहाल, चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने का मैसेज बनवाने के लिए अजयपाल शर्मा ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिल कर ‘रूट मार्च’ निकाला। इस बीच तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन किया। मतदान से एक दिन पहले यह भी खबर आई है कि न्यायाधिकरण ने कुल 1,468 लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने को कहा है। गौरतलब है कि न्यायाधिकऱण के सामने 34 लाख नाम लंबित हैं लेकिन उसने पहले चरण में 139 और दूसरे चरण में 1,468 नामों को मंजूरी दी।


